मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर के रीजनल स्टेडियम में पिछले तीन साल से एक 'भूत' का साया है। ऐसा हम नहीं, स्टेडियम के आसपास रहने वाले लोग मानते हैं। तीन साल से स्टेडियम की दीवार दिन में बनाई जाती है, जबकि रात होते ही ये गिर जाती है। लोग कहते हैं कि उन्हें कभी दीवार के आसपास कोई शख्स उसे गिराता नजर नहीं आया, समझ नहीं आता कि ये कौन कर रहा है
रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम के पिछले प्रवेश द्वार के पास की दीवार है, जो पिछले तीन वर्षों कई बार स्टेडियम प्रशासन की ओर से बनाई जाती है। मगर रात ढलते ही ये दीवार गिर जाती है। खुद स्टेडियम प्रशासन भी 15 बार दीवार का निर्माण कराने बाद से अब इसके निर्माण से पीछे हट गया है। उसका कहना है कि जब तक ये गुत्थी सुलझ नहीं जाती तब तक वो दीवार का निर्माण नहीं कराएगा
घबराइए नहीं ये कोई भूतहा फिल्मों के मशहूर फिल्मकार रामसे के किसी फिल्म की कहानी नहीं है। बल्कि एक दंश है जो स्टेडियम प्रशासन के साथ साथ वहां प्रैक्टिस करने वाले खिलाड़ियों के लिए नासूर बन गया है। बड़े अफसरों तक के संज्ञान में खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़ा से मामला लाने के बाद से जब किसी जिम्मेदार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो खुद स्टेडियम प्रशासन ने खामोशी से पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया
दरअसल स्टेडियम प्रशासन की ओर से अराजक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए चारों तरफ से बाउंड्री करने के साथ ही दो प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। सामने की तरफ से सिविल लाइंस और पीछे पुलिस लाइंस की तरफ से प्रवेश द्वार मौजूद है। तीन साल पहले पीछे गेट से सटी दीवार का हिस्सा जर्जर होने की वजह से गिर गया। उसके बाद से वहां से अराजक तत्व बेरोक टोक स्टेडियम में प्रवेश करने लगे। कई दफा वो वहां से प्रवेश कर खिलाड़ियों से उलझ जाते तो कई बार महिला खिलाड़ियों पर फब्तियां कसते
-एके पांडेय, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी